9+ Shocking Computer life saving tips in hindi

दोस्तों, आज मैं आपके साथ की कुछ ऐसी Computer life saving tips in hindi शेयर करूँगा। जिससे आप अपने कंप्यूटर को secure रख सकते है या  

सही चलता हुआ रख सकते है, हम में से बहुत से लोग ये गलतिया अक्सर करते है लेकिन उन्हें ये खबर तक नहीं होती की ये गलत है।  जिससे हमारे कंप्यूटर सिस्टम को नुकसान पहुँचता है।  

यदि आप अपनी कुछ आदते बदल दे तो आप अपने कंप्यूटर सिस्टम की लाइफ को और ज्यादा बढ़ा सकते है। यदि आप भी जानना चाहते है ये Computer life saving tips in hindi तो बने रहिये हमारे साथ, तो शुरू करते है 🙂:-


1) हम लोग अख्सर कंप्यूटर के vens को ढक देते है। खासकर हम में से जिनके पास नया नया कंप्यूटर सिस्टम या लेपटॉप आता है वो ये गलती जरूर करते है

उनको लगता है कि यदि हम अपने सिस्टम को ढ़क के रखेंगे तो उसकी धूल मिटटी से सेफ्टी रहेगी 

लेकिन ऐसा नहीं है मेरे भाई, यदि आप वेन्स को ढककर रखेंगे तो आपका System processor गर्म हो जायेगा और vens का काम ही होता है

System processor को ठंडा रखना। आगे ये ध्यान रखें की हमे कभी भी कंप्यूटर या लेपटॉप के vens को ढकना नहीं है

क्युकी यह से गर्म-गर्म हवा निकलती है और vens उसे ठंडा रखते है। vens को छोड़कर आप बाकि हिस्सा ढक सकते है।  

2) अगली गलती शायद हम में से बहुत लोग Over-smartness के चक्कर में करते है। हमे कभी भी system file को डिलीट नहीं करना चाहिए।  

जो फाइल window के फोल्डर या सिस्टम 32 के अंदर होती है और कुछ फाइल C Drive के अंदर भी होती है  

जिन्हे हमे भूले से भी नहीं डिलीट नहीं करना है यदि आप फिर भी सिस्टम फाइल डिलीट कर देते है तो ऐसे में आपकी window काम नहीं करेगी।  

यदि window काम नहीं करेगी तो हम उस कंप्यूटर या लेपटॉप में कुछ काम भी नहीं कर सकते।  

ये काम हम लोग अक्सर space को बचने के लिए करते है। लेकिन हमे कभी system file को डिलीट नहीं करना है।

इसीलिए जब हम नया नया कंप्यूटर सिस्टम लेते है तो शॉप वाला हमसे अक्सर बोलता है

विंडो को डलवाने के बाद आप C Drive में मत जाना और ना ही कुछ डिलीट करना। लेकिन हम कहा मानने वाले हमे तो C Drive में भी जाना है   

और कुछ न कुछ डिलीट भी करना है। लेकिन आप लोग आगे से ये गलती कभी मत करना।  

3) अगली गलती ये है कि हमे कभी अपनी कंप्यूटर स्क्रीन या लेपटॉप स्क्रीन या मोबाइल स्क्रीन को भी कभी डायरेक्ट liquid [द्रव्य] से साफ़ नहीं करना चाहिए।  

ये liquid किसी भी प्रकार का ही क्यों ना हो। क्युकी ये liquid आपकी स्क्रीन के अंदर भी जा सकता है।

आपकी सिस्टम स्क्रीन वाटरप्रूफ नहीं होती है। लेकिन कुछ liquid ऐसे होते है स्पेशली स्क्रीन को साफ़ करने के लिए बने होते है  

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आप स्क्रीन को साफ़ करने के लिए उन liquids का यूज़ कर सकते है लेकिन ध्यान रखना की liquid आपकी स्क्रीन के अंदर ना जाये।  

4) अगली गलती ये है कि हमे कभी अपने कंप्यूटर सिस्टम के साथ जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए। जबरदस्ती से मेरा मतलब है कि  

जैसे हम सभी DVD Drive यूज़ करते है। जब वह बाहर आती है उसमे DVD रखकर उसे तुरंत हाथो से अंदर कर देते है,

बटन भी दबाने की तकलीफ नहीं करते है आपको ऐसा बिलकुल नहीं करना है ऐसा करने से DVD Drive टूट सकती है। आप बटन को दबाकर उसे अंदर कर सकते है।

5) अगली गलती तो हममे से 80% से 90%लोग करते है जो है कि हमारा जिन भी वेबसाइट में हमारा अकाउंट बना होता है वहा हम एक जैसा ही पासवर्ड रखते है।   

हमे बिलकुल ऐसा नहीं करना है हमे सब वेबसाइट पर अलग अलग पासवर्ड बनाना है। 

इससे नुकसान ये कि यदि आपकी किसी एक वेबसाइट का पासवर्ड किसी को पता चल गया तो वो आपकी सब वेबसाइट को अक्क्रेस कर सकता है।  

और हैक भी कर सकता है। जिससे आपको बचना है और हमेशा एक कठिन पासवर्ड का ही इस्तेमाल करना है।

6) अगली गलती ये हम बिना किसी एंटी-वायरस के इंटरनेट को सर्व या यूज़ करते है ये आपकी एक बड़ी गलती हो सकती है  

क्युकी आप तरह तरह की वेबसाइट पर जाते है और उसे यूज़ करते है। हो सकता आप जानते भी न हो की वह कौन कौन सी java Script चल रही है,

ना जाने कौन कौन सी pop up खुल रही है और न जाने क्या क्या एड्स आ रहे है। इसीलिए आपको बिना एंटी-वायरस के ऐसी वेबसाइट का यूज़ नहीं करना चाहिए आप ट्रस्टेड वेबसाइट को बिना एंटीवायरस के यूज़ कर सकते है जैसे :- Facebook, Twitter, Instagram etc. 

7) अगली गलती ये है की अपने कंप्यूटर सिस्टम, लेपटॉप या कोई अन्य डिवाइसेस के आस-पास पालतू जानवर को नहीं जाना चाहिए।   

क्युकी उनके बाल गिरते रहते है यदि उनके बाल सिस्टम के पास गिर गए और धोखे से vens के अंदर चले गए तो आप जानते है कि क्या होगा 

आपके सिस्टम का प्रोसेसर और ज्यादा गर्म हो जायेगा और सिस्टम भी crash को सकता है। इसीलिए अपने पेट्स को इन चीजों से बिलकुल दूर रखे। और vens के अंदर धूल मिट्टी को भी जाने से रोकना चाहिए।  

8) अगली गलती 90% लोग जरूर करते है Automatic किसी प्रोग्राम को इनस्टॉल कर देते है। कहने का मतलब ये है कि हम-मेसे बहुत लोग अपने दोस्तों से प्रोग्राम के setup ले लेते है और बिना प्रोग्राम एग्रीमेंट को पढ़े,

बिना उसकी डिटेल्स को पढ़े सिर्फ नेक्स्ट-नेक्स्ट करके प्रोग्राम को इनस्टॉल कर लेते है 

जोकि बिलकुल एक गलत तरीका है।कई बार तो हम नेक्स्ट-नेक्स्ट करने के चक्कर में उसके साथ में एक और प्रोग्राम, टूल को इनस्टॉल करने की परमिशन दे देते है और कुछ ऐसे सॉफ्टवेयर इंस्टाल हो जाते है जिनका सिर्फ एक काम होता है 

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आपके सिस्टम स्लो कर देना, हैंग करना और प्राइवेट डेटा को हैकर्स तक पहुंचना है। इसीलिए हमे आँख को बंद करके सिर्फ नेक्स्ट-नेक्स्ट नहीं करना चाहिए बल्कि सॉफ्टवेयर की डिटेल्स को भी ध्यान से पढ़ना चाहिए जिससे हमे ये प्रॉब्लम्स कभी न हो। 

9) कई बार लोग कंप्यूटर रिपेयरिंग की जानकारी न होने के बावजूद उसे खोल देते है और भाई रीपेयर करने की नाकाम कोसिस करते है।  

हमे ऐसा बिलकुल नहीं करना है यदि हमे कंप्यूटर के रिपेयरिंग की जानकारी नहीं है। तो हमे कभी उसे रिपेयर करने नहीं  बैठना चाहिए। 

इससे आपके कंप्यूटर को नुकसान पहुंच सकता है और आपको ज्यादा पैसो का झटका भी लग सकता है सकता है। 

कभी कभी तो हम-मेसे बहुत लोग इलेक्ट्रिक प्लग को लगाकर कंप्यूटर सिस्टम को उसे रिपेयर करने लगते है। हमे ऐसा नहीं करना है प्लग को लगाकर तो रिपेयर बिलकुल भी नहीं करना है।

उसे हमेशा वैक्यूम क्लीनर से, या किसी धूल को हटाने वाले यंत्र से ही साफ़ करे। कभी अपने हाथो का इस्तेमाल करके उसे न साफ़ करे।  

क्युकी मदरबोर्ड में बहुत छोटे छोटे पार्ट्स होते है जिससे आपका मदरबोर्ड ख़राब भी हो सकता है। और  

कम से कम 6 महीने में अपने कंप्यूटर को खोलकर उसके अंदर की धूल मिटटी को हटा देना चाहिए।

10) इससे अपना कंप्यूटर सिस्टम या लेपटॉप और अच्छा और तेज चलता है। काफी हद तक कंप्यूटर के हैंग होने का ये कारण हो सकता है।  

आप इस बात का भी ध्यान रखे। कभी भी अपने कंप्यूटर के पास मैगनेट [चुम्बक] नहीं ले जाना चाहिए  

क्युकी आपके सिस्टम में नार्मल हार्ड डिस्क में मैगनेट का इस्तमाल होता है और वो मैगनेट बहुत हार्ड होता है यदि आप उसके पास कोई दूसरा मैगनेट ले जायेंगे तो आपका डेटा पूरा करेप्ट हो सकता है।

आपकी हार्ड डिस्क भी ख़राब हो सकती है। जो पुराने टीवी होते थे। हा हा वही मोटे वाले टीवी।  यदि हम उनके पास कोई मैगनेट ले जाते थे  

उनकी स्क्रीन में हरे रंग का धब्बा भी बन जाता था और बाद में टीवी ख़राब हो जाता था।

यदि हो सके तो किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस के पास मैगनेट न ले जाये जैसे:- टीवी, मोबाइल फ़ोन, कंप्यूटर, लेपटॉप, कैमरा, हार्ड डिस्क etc.

11) कभी भी अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस को ज्यादा टेम्प्रेचर में नहीं रखना चाहिए। क्यों की ये खुद बहुत ज्यादा हीट जेनेरेट करते है  

उसमे भी आपने इन्हे और हीट में रख दिया तो आप समझ सकते है कि क्या होगा भाई साहब?

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस को ना ज्यादा हीट में, ना ज्यादा ठंडी जगह में रखना चाहिए। जहां आप जा सकते है जितने टेम्प्रेचर में आप स्वयं रह सकते है। प्लीज उन्हें भी उतना टेम्प्रेचर में रखे। इस बात का जरूर ध्यान रखे। 

12) कभी भी अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस को मारना नहीं चाहिए।  मारने से मेरा मतलब है जब भी कंप्यूटर, टीवी या कोई और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस काम नहीं करती है तो हम उसे पीटने लगते है। हमे लगता है इससे वो काम करने लगेगा। 

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यदि कभी ऐसे में काम करने भी लगता है तो ये सिर्फ एक इत्तिफाक है और कुछ नहीं। आपको ऐसा बिलकुल भी नहीं करना है। आप अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस को रीस्टार्ट भी कर सकते है या थोड़ी देर बाद उसे चलाये। हो सकता है

वो काम करने लगे लेकिन यदि फिर भी आपकी समस्या हल नहीं होती है तो आप उसे इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक से सही करवाए।

13) हमे कभी भी फालतू के सॉफ्टवेयर को अपने कंप्यूटर सिस्टम में इंस्टाल नहीं करना चाहिए। फालतू के सॉफ्टवेयर से मेरा मतलब है की जो सॉफ्टवेयर आपके काम के नहीं है। उन्हें आपके कंप्यूटर सिस्टम में इंस्टाल नहीं करने चाहिए। इससे वो space घेरते है। 

और कुछ सॉफ्टवेयर ऐसे होते है जो आपके कंप्यूटर के स्टार्ट होते ही खुद  बा खुद स्टार्ट हो जाते है। 

ये आपके सिस्टम को स्लो कर देते है। यदि हम एक नार्मल यूजर है तो हम ज्यादा से ज्यादा 4-5 सॉफ्टवेयर यूज़ करते है।  

हमे सिर्फ इतने ही सॉफ्टवेयर कंप्यूटर में रखने चाहिए इससे आपका सिस्टम फ़ास्ट चलेगा। और उसकी लाइफ लॉन्ग होगी।

हमे अपने कंप्यूटर को समय समय पर रीस्टार्ट और ऑफ भी करना चाहिए। क्युकी ऐसा करने से जब आप सिस्टम को दुबारा ऑन करते है तो

उसकी रैम और सॉफ्टवेयर द्वारा आया हुआ डेटा फ्लश हो जाता है। और  इससे आपका सिस्टम फ़ास्ट चलता है।  

कई कंपनी ऐसी ऐसी है। जहा कंप्यूटर पर काम होता है और वो  महीनो-महीनो सिस्टम को रीस्टार्ट और ऑफ भूल जाते है  

जिससे सिस्टम में प्रॉब्लम शुरू हो जाती है। यदि आप भी ऐसा कुछ करते है तो आपको भी ऐसा नहीं करना है। इसका जरूर ध्यान रखे।

conclusion

आज हमने भी जाना कि  "Shocking Computer life saving tips in hindi, आप ऐसी क्या गलतिया करते है जिससे आपका कंप्यूटर या लेपटॉप ख़राब हो जाता है। और इनसे बचने के क्या उपाय है" उम्मीद करते है कि आज कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी।

यदि आपको हमारी ये जानकारी पसंद आयी है तो आप इसे शेयर जरूर करे। और कोई हमारे लिए सुझाव या प्रश्न हो तो हमे कमेंट करके जरूर बताये।

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